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महाराष्ट्र के मुकुटबन और गढ़चंदूर के बीच बिछाई जाएगी नई रेल लाइन, भारतीय रेल ने प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 19, 2026 04:00 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 04:00 pm IST

इस नई रेल लाइन से यात्रा की दूरी, परिवहन का समय और लागत में कमी आएगी और ये एक छोटा और ज्यादा कुशल रेल मार्ग प्रदान करेगी।

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सांकेतिक तस्वीर Image Source : MINISTRY OF RAILWAYS

भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे जोन में आने वाले महाराष्ट्र के मुकुटबन (आदिलाबाद) और गढ़चंदूर के बीच 38.21 किमी लंबी नई रेल लाइन के निर्माण के लिए 493 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है। यवतमाल जिले का मुकुटबन और चंद्रपुर जिले का गडचंदूर महत्वपूर्ण औद्योगिक और खनन केंद्र हैं, जो कई सीमेंट प्लांटों, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला खदानों और आसपास की चूना पत्थर खदानों को सेवाएं प्रदान करते हैं। नई रेल लाइन इन औद्योगिक क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत और माल ढुलाई को ज्यादा कुशल बनाएगी।

माल ढुलाई में सुधार और मौजूदा नेटवर्क पर भीड़ कम करने के लिए छोटा रास्ता

इस नई रेल लाइन से यात्रा की दूरी, परिवहन का समय और लागत में कमी आएगी और ये एक छोटा और ज्यादा कुशल रेल मार्ग प्रदान करेगी। वर्धा-मानिकगढ़ सेक्शन पर भीड़ कम करने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगी, जिससे माल ढुलाई सुचारू रूप से हो सकेगी।

DPR के अनुसार, प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद रोजाना दोनों दिशाओं में 2-2 मेमू ट्रेनों के साथ सालाना 6.08 मीट्रिक टन माल ढुलाई यातायात को संभालने की उम्मीद है। माल ढुलाई यातायात में कोयला और कोक, सीमेंट, स्पंज आयरन, मैटल स्क्रैप, लोहा और इस्पात, उर्वरक और खाद्यान्न आदि वस्तुएं शामिल होने की उम्मीद है।

माजरी-नांदेड़ रूट और प्रमुख गंतव्यों के लिए सीधी कनेक्टिविटी

ये नई लाइन कोयला और सीमेंट क्लस्टर और माजरी-नांदेड़ रूट के बीच डायरेक्ट कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे जालना, परभनी, छत्रपति संभाजीनगर और महाराष्ट्र और कर्नाटक के अन्य गंतव्यों की ओर कोयला, सीमेंट और आरएमएसपी यातायात के लिए लगने वाला समय कम हो जाएगा।

भीड़भाड़ वाले बल्हारशाह-नागपुर रूट पर निर्भरता कम करना

इस प्रोजेक्ट से भीड़भाड़ वाले बल्हारशाह-नागपुर हाई-डेंसिटी नेटवर्क रूट पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही यवतमाल और चंद्रपुर जिलों के अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे रेल इंफ्रा में सुधार के माध्यम से क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

क्षेत्रीय रेल इंफ्रा को मजबूत बनाना

नई रेल लाइन से क्षेत्रीय रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही सुगम होगी और माल ढुलाई एवं यात्री परिवहन की बढ़ती जरूरतों के लिए एक अतिरिक्त रेल कॉरिडोर उपलब्ध होगा। इस परियोजना से मौजूदा रेलवे नेटवर्क का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ औद्योगिक एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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